शेहला राशिद ने कश्मीर को लेकर इंडियन आर्मी पर जो इल्ज़ाम लगाया था, उसका जवाब आया है
शेहला राशिद के लगाए आरोप ग़लत और आधारहीन हैं.
भारतीय सेना की ये प्रतिक्रिया आई है शेहला राशिद के कुछ ट्वीट्स पर. इनमें शेहला ने आरोप लगाया था कि कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां रात के समय घरों में घुसकर लड़कों को पकड़ रही हैं. शेहला के मुताबिक, दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में चार लोगों को आर्मी कैंप में बुलाकर उन्हें टॉर्चर किया गया.
शेहला JNU की छात्र नेता रही हैं. पूर्व ब्यूरोक्रेट शाह फैज़ल की पार्टी है- जम्मू ऐंड कश्मीर पीपल्स मूवमेंट (JKPM). शेहला इसकी लीडर हैं. कश्मीर की ही रहने वाली हैं. जम्मू-कश्मीर को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार लिख रही हैं. इसी लिखने के क्रम में उन्होंने कुछ ऐसे ट्वीट भी किए, जिनमें सिक्यॉरिटी फोर्सेज़ और उनकी कथित कार्रवाई को लेकर कुछ गंभीर इल्ज़ाम लगाए गए हैं. दावा किया गया है कि सुरक्षा बल किस तरह कश्मीर में लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं. शेहला के इन ट्वीट्स पर काफी विवाद हो रहा है. न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, इन्हीं आरोपों पर अब इंडियन आर्मी का जवाब आया है. जवाब यूं है-
शेहला राशिद द्वारा लगाए गए आरोप आधारहीन हैं. हम इन्हें खारिज़ करते हैं. ग़लत इरादे वाले लोग और संगठन जनता को भड़काने के इरादे से इस तरह की अपुष्ट और फर्ज़ी ख़बरें फैलातें हैं.
Indian Army: Allegations levelled by Shehla Rashid are baseless and rejected. Such unverified & fake news are spread by inimical elements and organisations to incite unsuspecting population.
7,990 people are talking about this
शेहला ने जो कई ट्वीट किए, उनका हाईलाइट ये दावा है-
आर्म्ड फोर्सेज़ रात के वक़्त लोगों के घरों में घुस रहे हैं. वो लड़कों को पकड़ते हैं, घर उथल-पुथल कर देते हैं, जान-बूझकर राशन को फर्श पर बिखेर देते हैं, तेल में चावल मिला देते हैं. शोपियां (दक्षिणी कश्मीर) में चार लोगों को आर्मी कैंप में बुलाकर उन्हें टॉर्चर किया गया. ऐसा करते हुए एक माइक को उनके मुंह के करीब रखा गया, ताकि उनकी चीखें इलाके के लोग सुन सकें. इस वजह से पूरे इलाके में ख़ौफ का माहौल है.
9) Armed forces are entering houses at night, picking up boys, ransacking houses, deliberately spilling rations on the floor, mixing oil with rice, etc.
1,735 people are talking about this
10) In Shopian, 4 men were called into the Army camp and "interrogated" (tortured). A mic was kept close to them so that the entire area could hear them scream, and be terrorised. This created an environment of fear in the entire area.
3,670 people are talking about this
शेहला फिलहाल घाटी में नहीं हैं. 18 अगस्त को उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. इनमें लिखा था कि कश्मीर से आ रहे लोग वहां की स्थितियों के बारे में जो कुछ चीजें बता रहे हैं, वो इस तरह हैं-
– श्रीनगर और पड़ोस के जिलों में थोड़े-बहुत मूवमेंट की इजाज़त है. स्थानीय प्रेस पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
– खाना पकाने के गैस की किल्लत हो गई है. गैस एजेंसियां बंद हैं.
– गैस स्टेशन शाम सात बजे के बाद खुलती हैं. शहरी इलाकों में पेट्रोल और डीज़ल उपलब्ध है. हाईवे पर कुछ जगहों पर फिलिंग स्टेशन खुले हैं.
– राशन मिल रहा है. बच्चों का खाना (बेबी फूड) खोजने में दिक्कत हो रही है. लोगों के पास दवाएं खत्म होने लगी हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं के निरीक्षण के वास्ते अधिकारी अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं.
Some of the things that people coming from Kashmir say about the situation:
1) Movement within Srinagar and to neighbouring districts is more or less permitted. Local press is restricted.
2) Cooking gas shortage has started to set in. Gas agencies are closed.
2,306 people are talking about this
3) Gas stations open after 7 pm. Petrol & diesel is available in the city area. On highways, filling stations are open in some places.
4) Supplies available so far. You find baby food with difficulty. People have started running out of medicines now.
481 people are talking about this
भारत सरकार का कहना है कि कश्मीर में हालात सामान्य हैं. विरोध की छिटपुट घटनाओं के अलावा चीजें शांतिपूर्ण हैं. मगर एक वर्ग सरकार के इन दावों को ग़लत बता रहा है. उनका कहना है कि कश्मीर में असहमति और विरोध को दबाने के लिए जोर-ज़बरदस्ती की जा रही है. शेहला इसी सेक्शन का हिस्सा हैं. सरकार इन आरोपों को फर्ज़ी बताती है. आरोप और दावों के बीच कश्मीर में स्थितियां नॉर्मल दिखाने की कोशिश कर रही है. 18 अगस्त से कई प्राइमरी स्कूल वापस खुल रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि घाटी के सरकारी दफ़्तरों में भी कामकाज वापस बहाल हो गया है. हालांकि ये सब कंट्रोल्ड माहौल में हो रहा है. स्थितियां पूरी तरह कब ठीक हो सकेंगी, फिलहाल इस सवाल का ठीक-ठीक जवाब किसी के पास नहीं है.




No comments:
Post a Comment