अंतत: 21 अगस्त की शाम पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को सीबीआई ने गिरफ्तार कर ही लिया. सीबीआई ने चिदंबरम को उनके घर से गिरफ्तार किया. सीबीआई पूछताछ करने के लिए उन्हें अपने मुख्यालय लेकर गई. 22 अगस्त को उन्हें सीबीआई की अदालत में पेश किया जाएगा. गिरफ्तारी से पहले चिदंबरम ने कांग्रेस पार्टी के दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने चिदंबरम और कांग्रेस पार्टी दोनों पर हमला बोला है. बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने चिदंबरम की तुलना भगोड़ा घोषित किए जा चुके नीरव मोदी और विजय माल्या से की है. जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा,
यह कांग्रेस पार्टी के लिए शर्मनाक है कि उनका एक वरिष्ठ नेता भगोड़ों की तरह व्यवहार कर रहा है. लगता है चिदंबरम खुद को नीरव मोदी और विजय माल्या की लिस्ट में शामिल कराना चाहते हैं.
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि चिदंबरम को भगोड़ा घोषित करते हुए उनकी सारी संपत्ति जब्त कर लेनी चाहिए.
Time to start process to declare PC as a proclaimed offender and attach all his properties
7,156 people are talking about this
कांग्रेस पार्टी पी चिदंबरम के साथ मजबूती से खड़ी दिख रही है. कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा,
“मोदी सरकार प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और बिना रीढ़ की मीडिया का उपयोग पी. चिदंबरम का चरित्र हनन करने के लिए कर रही है. मैं ताकत के इतने अपमानजनक उपयोग की कड़ी निंदा करता हूं.”
Modi's Govt is using the ED, CBI & sections of a spineless media to character assassinate Mr Chidambaram.
I strongly condemn this disgraceful misuse of power.
28.8K people are talking about this
राहुल गांधी के पहले प्रियंका गांधी ने भी पी. चिदंबरम का बचाव करते हुए ट्वीट किया था. प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करके लिखा,
“बहुत पढ़े-लिखे और राज्यसभा के सम्मानित सदस्य पी. चिदंबरम ने हमारे देश की बहुत दिनों तक निष्ठा के साथ सेवा की है. बतौर गृह मंत्री और वित्त मंत्री. वो खुलकर सच बोलते हैं, इस सरकार की खामियों को उजागर करते हैं.”
प्रियंका गांधी ने आगे लिखा,
“लेकिन कायरों को सच से इतनी दिक्कत हो रही है कि पी. चिदंबरम का बेशर्मी से शिकार किया जा रहा है. हम उनके साथ खड़े हैं. हम उनके साथ लड़ेंगे, भले ही कुछ भी परिणाम हों.”
An extremely qualified and respected member of the Rajya Sabha, @PChidambaram_IN ji has served our nation with loyalty for decades including as Finance Minister & Home Minister. He unhesitatingly speaks truth to power and exposes the failures of this government,
1/2
but the truth is inconvenient to cowards so he is being shamefully hunted down. We stand by him and will continue to fight for the truth no matter what the consequences are.
2/2
6,362 people are talking about this
23 अगस्त को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
20 अगस्त, 2019. दिल्ली हाईकोर्ट ने INX मीडिया केस में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. चिदंबरम पर INX मीडिया को फॉरेन एन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के आरोप हैं. आरोप ये भी हैं कि इसके बदले उन्होंने 305 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी. मामला 2007 का है. तब चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे. मामले की जांच CBI कर रही है. केस में मनी लॉन्ड्रिंग का ऐंगल भी है. इसकी जांच ED कर रहा है. ED और CBI उन्हें अरेस्ट करना चाहती है. इससे बचने के लिए वो अक्सर अग्रिम जमानत की मदद लेते आए हैं. लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत या तीन दिन की मोहलत देने से इनकार कर दिया. चिदंबरम के पास आख़िरी ऑप्शन ये बचा कि वो सुप्रीम कोर्ट से अपने लिए राहत लेकर आएं. लेकिन जब तक चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाते, कोर्ट उठ चुकी थी.
20 अगस्त, 2019. दिल्ली हाईकोर्ट ने INX मीडिया केस में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. चिदंबरम पर INX मीडिया को फॉरेन एन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के आरोप हैं. आरोप ये भी हैं कि इसके बदले उन्होंने 305 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी. मामला 2007 का है. तब चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे. मामले की जांच CBI कर रही है. केस में मनी लॉन्ड्रिंग का ऐंगल भी है. इसकी जांच ED कर रहा है. ED और CBI उन्हें अरेस्ट करना चाहती है. इससे बचने के लिए वो अक्सर अग्रिम जमानत की मदद लेते आए हैं. लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत या तीन दिन की मोहलत देने से इनकार कर दिया. चिदंबरम के पास आख़िरी ऑप्शन ये बचा कि वो सुप्रीम कोर्ट से अपने लिए राहत लेकर आएं. लेकिन जब तक चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाते, कोर्ट उठ चुकी थी.
अगले दिन यानी 21 अगस्त को गिरफ्तारी से बचने के लिए चिदंबरम सर्वोच्च अदालत गए थे लेकिन वहां से उन्हें फौरी तौर पर कोई राहत नहीं मिली. कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई की तारीख 23 अगस्त तय की है. इससे पहले चिदंबरम लगभग 24 घंटे तक के लिए अंडरग्राउंड हो गए थे. सीबीआई और ईडी की टीमें लगातार उनके घर जा रहीं थीं लेकिन चिदंबरम से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था. सीबीआई और ईडी ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर दिया था





No comments:
Post a Comment