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Saturday, August 24, 2019

पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली नहीं रहे.


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पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली नहीं रहे. दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने 24 अगस्त को 12:07 मिनट पर आखिरी सांस ली. 67 वर्षीय जेटली 9 अगस्त से एम्स में भर्ती थे. जेटली का स्वास्थ्य एम्स में भर्ती होने के बाद से ही स्थिर बताया जा रहा था. उन्हें आईसीयू में रखा गया था. जेटली का हाल जानने के लिए पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला और कई बीजेपी नेता पहुंचे थे. बीच में कई बार स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन उनका हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे थे.

उन्हें एम्स के कई सीनियर डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया था. इसमें एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स, कार्डियोलॉजिस्ट्स और नेफ्रोलॉजिस्ट्स शामिल थे. खराब सेहत की वजह से जेटली ने मोदी 2.0 सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया था. उस समय जेटली ने ट्विटर पर लेटर शेयर करते हुए लिखा था,
‘पिछले 18 महीने से मैं बीमार हूं. मेरी तबीयत खराब है, इसलिए मुझे मंत्री न बनाने पर विचार करें.’
चिट्ठी में जेटली ने साफ किया था कि उनकी तबीयत खराब है और वो मंत्रिमंडल में जगह नहीं चाहते. पिछले साल मई में अरुण जेटली का किडनी प्रत्यारोपण हुआ था.
जो वित्त मंत्रालय अरुण जेटली पिछले पांच सालों तक संभाल रहे थे, इस बार वो मंत्रालय निर्मला सीतारामन के पास है. बीते कुछ समय से जेटली सार्वजनिक मंचों से अनुपस्थित रहे हैं. कुछ हफ़्तों पहले अरुण जेटली के स्वास्थ्य और उनकी इस ग़ैरमौजूदगी के बारे में बातें उड़नी शुरू हुईं तो जेटली के ट्विटर एकाउंट पर सरकार के लिए और कई लोगों के साथ मीटिंग से जुड़े ट्वीट दिखने लगे थे.
हाल-फ़िलहाल ही अरुण जेटली धारा 370 में प्रावधान संशोधन के लिए सरकार की पीठ थपथपाई थी. जेटली ने अपने ब्लॉग में कहा था.
“आज जब इतिहास लिखा जा रहा है, तो इससे ये साफ़ हो गया है कि कश्मीर को लेकर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की दृष्टि सही थी, जबकि पंडित जी का हल निकालने का सपना ग़लत साबित हुआ है….प्रधानमंत्री ने अपने दृढ़ निश्चय और साफ़गोई से इतिहास बना दिया है.”
जेटली के निधन पर नेताओं ने दुख व्यक्त किया है.



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