कश्मीर को लेकर शेहला रशीद ने किया था विवादित पोस्ट, गिरफ्तारी की उठी मांग
जेएनयू (JNU) की पूर्व छात्र नेता और जेएनयूएसयू (JNUSU) की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद (Shehla Rashid)ने रविवार को जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में आर्टिकल 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद के हालत को लेकर 10 ट्वीट किए थे.
जेएनयू (JNU) की पूर्व छात्र नेता और जेएनयूएसयू (JNUSU) की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद (Shehla Rashid) जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के हालात को लेकर सोशल मीडिया (Social Media) पर डाले अपने पोस्ट को लेकर मुश्किल में घिरती दिख रही हैं. शेहला रशीद के दावों को भारतीय सेना ने खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है. भारतीय सेना के बयान के बाद अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने रशीद पर फर्जी खबरें पोस्ट करने का आरोप लगाते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ गिरफ्तारी की मांग की है.
जेनएनयूएसयू की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने रविवार को कश्मीर के हालत को लेकर सिलसिलेवार ढंग से 10 ट्वीट किए थे. अपने पोस्ट में उन्होंने दावा किया था कि घाटी के मौजूदा हालात बहुत खराब हो गए हैं. शेहला रशीद ने लिखा था कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने उन्हें बताया कि पुलिस के पास कानून-व्यवस्था का कोई अधिकारी मौजूद नहीं है.

इस समय कश्मीर में सबकुछ पैरामिलिट्री फोर्स के हाथों में है. रशीद ने लिखा कि एक एसएचओ का ट्रांसफर केवल इसलिए कर दिया गया क्योंकि उसकी एक सीआरपीएफ के जवान ने शिकायत कर दी थी. इतना ही नहीं शेहला ने अपने ट्वीट पर आरोप लगाया कि सुरक्षाबल रात में घर में घुसते हैं और लड़कों को उठाकर ले जाते हैं.
शेहला रशीद ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि शोपिया के आर्मी कैंप में चार लोगों को ले जाकर पूछताछ के नाम पर टॉर्चर किया गया. शेहला के सभी दावों को खारिज करते हुए भारतीय सेना ने इन बातों को बेबुनियाद बताया है. सेना ने कहा है कि ऐसी असत्यापित और फर्जी खबरें असामाजिक तत्वों और संगठनों द्वारा कश्मीर की आवाम द्वारा लोगों को भड़काने के लिए फैलाई जा रही है.
जेनएनयूएसयू की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने रविवार को कश्मीर के हालत को लेकर सिलसिलेवार ढंग से 10 ट्वीट किए थे. अपने पोस्ट में उन्होंने दावा किया था कि घाटी के मौजूदा हालात बहुत खराब हो गए हैं. शेहला रशीद ने लिखा था कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने उन्हें बताया कि पुलिस के पास कानून-व्यवस्था का कोई अधिकारी मौजूद नहीं है.

इस समय कश्मीर में सबकुछ पैरामिलिट्री फोर्स के हाथों में है. रशीद ने लिखा कि एक एसएचओ का ट्रांसफर केवल इसलिए कर दिया गया क्योंकि उसकी एक सीआरपीएफ के जवान ने शिकायत कर दी थी. इतना ही नहीं शेहला ने अपने ट्वीट पर आरोप लगाया कि सुरक्षाबल रात में घर में घुसते हैं और लड़कों को उठाकर ले जाते हैं.
Indian Army: Allegations levelled by Shehla Rashid are baseless and rejected. Such unverified & fake news are spread by inimical elements and organisations to incite unsuspecting population.
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शेहला रशीद ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि शोपिया के आर्मी कैंप में चार लोगों को ले जाकर पूछताछ के नाम पर टॉर्चर किया गया. शेहला के सभी दावों को खारिज करते हुए भारतीय सेना ने इन बातों को बेबुनियाद बताया है. सेना ने कहा है कि ऐसी असत्यापित और फर्जी खबरें असामाजिक तत्वों और संगठनों द्वारा कश्मीर की आवाम द्वारा लोगों को भड़काने के लिए फैलाई जा रही है.



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